दुनिया को जगाओ

रमण महर्षि की शिक्षाएँ


Ramana Maharshi taught that constant attention to the inner awareness of “I” or “I am” is the most efficient and direct way of discovering our true nature. His teachings and his form of Self inquiry are conveyed in the book “Be As You Are”.
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“‘बंधन में पड़ा हुआ मैं कौन हूँ?’ यह पूछताछ करना और अपने वास्तविक स्वरूप को जानना ही मुक्ति है। मन को निरंतर अंतर्मुखी रखना और इस प्रकार आत्मा में स्थित रहना ही आत्म-विचार है, जबकि ध्यान (मेडिटेशन) आत्मा को सत्-चित्-आनंद (अस्तित्व-चेतना-आनंद) के रूप में तल्लीनता से चिंतन करने को कहते हैं।.“

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तुरिया - रमण महर्षि का जीवन और उपदेश

वृत्तचित्र: अरुणचल के ऋषि

रमण महर्षि ज्ञानी

रमण महर्षि – “उन्हीं के शब्दों में” – भाग 1

ध्यान कोई अभ्यास नहीं है

रमण महर्षि पर वार्ताएँ - डेविड गॉडमैन

हू एम आई विद डेविड गोडमैन